Physical education compulsory subject in new education policy || नई शिक्षा नीति में शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय

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खेल-कूद जीवन मे बहुत जरूरी है। खिलने व खुलने के लिए भी खेल-कूद अनिवार्य है। खेलने से टीम स्प्रिट,साहस व प्रतिस्पर्धा समझने की ताकत आती है। यह बात देश के छात्र -छात्राओं के लिए आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम ” परीक्षा पर चर्चा ” के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा। प्रधानमंत्री ने खेल-कूद के महत्व को समझाते हुए यह भी कहा कि पहले स्कूलों में यह अतिरिक्त क्रियाकलापों में शामिल थे लेकिन अब नई शिक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया है। जिससे खेलकूद शिक्षा का अहम हिस्सा बन गया है। माध्यमिक शारीरिक शिक्षक संघ,बिहार के अध्यक्ष शिव नारायण पाल एवं महासचिव गौरी शंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोटि-कोटि बधाई व साधुवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस घोषणा से शारीरिक शिक्षा को शक्ति,बल व संजीवनी मिली है। आधुनिक युग मे जहाँ तरह-तरह की विमारी व महामारी दस्तक दे रहें हैं वहीं मनुष्यों के दिनचर्या व खान पान में काफी बदलाव आया है। ऐसी स्थिति में शारीरिक शिक्षा व खेलकूद का महत्व और प्रासंगिक हो गया है।

माध्यमिक शारीरिक शिक्षक संघ बिहार के महासचिव गौरी शंकर ने बिहार के मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से मांग किया है कि शारीरिक शिक्षा विषय की महत्व को देखते हुए केन्द्र सरकार की तरह बिहार सरकार भी शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य विषय घोषित करें। शारीरिक शिक्षा शिक्षक को भी विद्यालयों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु प्रधानाध्यापक बनाने की करवाई करें साथ हीं साथ खेलकूद व शारीरिक शिक्षा के लिए आवश्यक सारी सुविधाएं उपलब्ध करायें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माध्यमिक शारीरिक शिक्षक संघ,बिहार के संयोजक जयनंदन कुमार,उपाध्यक्ष हीरालाल पांडेय,कोषाध्यक्ष शिव शंकर पाल,पंकज कुमार,रंजीत कुमार,सुनील कुमार,कन्हैया कुमार सहित राज्य के सभी शारीरिक शिक्षकों ने आभार प्रकट करते हुए बधाई दी है।